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एक फोन नंबर, फर्जी पते पर बना 22 पासपोर्ट, पोस्टमैन भी था शामिल, जानें पूरा मामला

गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल फर्जी दस्तावेजों और एक ही मोबाइल नंबर के जरिए धड़ल्ले से पासपोर्ट बनाए जा रहे थे। पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बताया कि किस तरह सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर एक ही पते और नंबर पर 22 पासपोर्ट जारी करवा लिए गए। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इलाके के पोस्टमैन और एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
कई आवेदकों ने गलत पता दिया था
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि कई आवेदकों ने गलत पता देकर पासपोर्ट बनवाए। पुलिस ने जानकारी दी कि भोजपुर, त्यौड़ी, सैदपुर हुसैनपुर और अतरौली जैसे गांवों के फर्जी पते दिखाकर कम से कम 22 पासपोर्ट जारी किए गए। इस मामले में जब पुलिस ने संबंधित ग्राम प्रधानों से बात की, तो उन्होंने लिखित में पुष्टि की कि ये लोग उनके गांव के निवासी नहीं हैं।
कनाडा जाने के लिए पासपोर्ट बनाने की आशंका
जांच में पाया गया कि पासपोर्टों में दर्ज अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से जुड़े हैं। आशंका है कि फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कनाडा सहित अन्य देशों की यात्रा के लिए किया जाना था। एफआईआर में उन 25 लोगों के नाम हैं जिन्होंने फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाया है।
पासपोर्ट के साथ ड्राइविंग लाइसेंस भी बनता था
भोजपुर में फर्जी तरीके से पासपोर्ट तैयार करने के मामले में पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट ऑफिस में तैनात कर्मचारी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। इस मामले में मां, बेटे और पोस्टमैन समेत 5 की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है कि आरोपी पासपोर्ट के साथ आधार और ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी तरीके से तैयार करवाते हैं।
पोस्टमैन को दिया जाता था लालच
इस पूरे घोटाले की खास कड़ी में भोजपुर पोस्ट ऑफिस का पोस्टमैन निकला। पूछताछ में पोस्टमैन ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो व्यक्ति उससे मिले थे। उन्होंने अरुण को लालच दिया कि जितने भी पासपोर्ट इन पतों पर आएंगे, उन्हें पते पर न बांटकर सीधे उन्हें दे दिया जाए। इसके बदले पोस्टमैन को हर एक पासपोर्ट पर 2000 रुपये का कमीशन दिया जाता था।




