
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- गलती से भी ना करें ये...
गलती से भी ना करें ये काम, गरुड़ पुराण में से जानें 4 बड़े पाप, जानें क्या मिलती है सजा

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मनुष्य के कर्मों का प्रभावों का जिक्र किया जाता है। हम हर जगह सुना होगा कि कहा जाता है कि कर्म की सबसे बड़े है। ऐसे में जो मनुष्य करता है उसको फल भी उसी के आधार पर मिलता है। गरुड़ पुराण में मनुष्य के कर्मों के आधार पर मिलने वाली सजाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। बता दें कि मुख्य तौर पर 4 प्रमुख महापाप माने जाते है। जिनकी भयानक सजाएं मिलती है।
चार महापाप
1. भ्रूण हत्या या निर्दोष की हत्या
गरुड़ पुराण के अनुसार, किसी नवजात, गर्भवती स्त्री या भ्रूण की हत्या करना सबसे बड़ा महापाप माना गया है। ऐसे पापियों को नरक में 'लोहशंकु' जैसी भयानक यातनाएं दी जाती हैं, जहाँ उन्हें लोहे की तीखी सलाखों पर तपाया जाता है।
2. गुरु, माता-पिता या बड़ों का अपमान
जो लोग अपने गुरु, माता-पिता या वृद्धों का अनादर करते हैं, उन्हें भी महापापी माना गया है। ऐसे व्यक्तियों को 'शबल' नामक नरक में भेजा जाता है, जहाँ उन्हें कठोर शारीरिक दंड और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
3. स्त्री का अपमान या शोषण
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना, उन पर बुरी दृष्टि रखना या उनका शारीरिक शोषण करना अक्षम्य अपराध है। गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे लोगों को 'सूकरमुख' नरक में डाल दिया जाता है, जहाँ हिंसक जीव उन्हें नोचते हैं।
4. धोखाधड़ी और चोरी
किसी की अमानत को हड़प लेना, विश्वासघात करना या धन की चोरी करना (विशेषकर सोना या मंदिर की संपत्ति) गंभीर पाप की श्रेणी में आता है। ऐसे पापियों को 'तामिस्र' नरक में यमदूतों द्वारा तब तक पीटा जाता है जब तक वे बेहोश न हो जाएं।
इन सजाओं का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को 'सत्य' और 'धर्म' के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है।




