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क्या दुख या तनाव होने पर शारीरिक शक्ति घट जाती है और आदमी कमजोर हो जाता है, जानें वैज्ञानिक की सलाह

Shilpi Narayan
25 March 2026 3:10 AM IST
क्या दुख या तनाव होने पर शारीरिक शक्ति घट जाती है और आदमी कमजोर हो जाता है, जानें वैज्ञानिक की सलाह
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वैज्ञानिक शोध और मनोवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, दुख (Sorrow/Grief) और तलब (Addiction/Cravings) दोनों ही स्थितियों में शरीर की ऊर्जा और शारीरिक शक्ति में भारी कमी आती है। मानसिक स्थिति का सीधा प्रभाव हमारे स्नायुतंत्र (Nervous System) और हार्मोनल संतुलन पर पड़ता है, जिससे शरीर थका हुआ और कमजोर महसूस करने लगता है।

ऊर्जा के स्तर को करता है प्रभावित

अक्सर लोग मानते हैं कि कमजोरी केवल खराब खान-पान या बीमारी से आती है, लेकिन आधुनिक विज्ञान ने यह साबित कर दिया है कि गहरा दुख और किसी चीज की तीव्र 'तलब' इंसान को शारीरिक रूप से भी तोड़ सकती है। रिसर्च के अनुसार, मानसिक तनाव सीधे तौर पर मांसपेशियों की कार्यक्षमता और ऊर्जा के स्तर को प्रभावित करता है।

शरीर की प्राकृतिक शक्ति को सोख लेती है

हालांकि विज्ञान स्पष्ट करता है कि दुख केवल मन का मामला नहीं है, बल्कि यह शरीर को थकाने वाली एक भौतिक प्रक्रिया भी है। उसी तरह, अनियंत्रित तलब शरीर की प्राकृतिक शक्ति को सोख लेती है।

1. दुख और शोक का शरीर पर प्रहार (Impact of Grief)

जब कोई व्यक्ति गहरे शोक या दुख में होता है, तो उसका शरीर 'सर्वाइवल मोड' में चला जाता है।

ऊर्जा का क्षय

शोक की स्थिति में शरीर की पूरी ऊर्जा भावनाओं को संभालने में खर्च हो जाती है, जिससे व्यक्ति को भारी थकान और कमजोरी महसूस होती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट

दुख के कारण शरीर में 'कोर्टिसोल' (तनाव हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जो इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है और बीमारियों से लड़ने की शक्ति घटा देता है।

नींद और भूख पर असर

दुख के कारण नींद न आना और भूख कम लगना सीधे तौर पर शारीरिक शक्ति को कम कर देता है।

2. 'तलब' और लत का वैज्ञानिक पहलू

किसी चीज की लत या 'तलब' भी शरीर को अंदर से खोखला कर देती है।

डोपामाइन का खेल

तीव्र तलब के दौरान मस्तिष्क का रिवॉर्ड सिस्टम केवल उसी चीज पर केंद्रित हो जाता है। जब वह तलब पूरी नहीं होती, तो शरीर में बेचैनी, कंपकंपी और मांसपेशियों में कमजोरी (Withdrawal Symptoms) महसूस होने लगती है।

अंगों पर प्रभाव

नशा या किसी चीज की अत्यधिक तलब हृदय गति को असामान्य कर सकती है और लंबे समय में लिवर व किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों की शक्ति को कम कर देती है।

3. विशेषज्ञों की राय और समाधान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मन और शरीर अलग नहीं हैं। इस स्थिति से उबरने के लिए कई उपाय कारगर हो सकते हैं।

शारीरिक सक्रियता

हल्के व्यायाम या योग तनाव हार्मोन को कम कर शारीरिक शक्ति वापस लाने में मदद करते हैं।

संतुलित आहार

आयरन और प्रोटीन युक्त भोजन मांसपेशियों की कमजोरी दूर करने के लिए आवश्यक है।

पेशेवर मदद

यदि दुख या तलब नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना अनिवार्य है।

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